Friday, August 29, 2014

भाजपा ओवर कॉन्फीडेंस तो कुलदीप ने नहीं छोड़ा सीएम पद का मोह



भाजपा ओवर कॉन्फीडेंस तो कुलदीप ने नहीं छोड़ा सीएम पद का मोह


हिसार। संदीप सिंहमार
पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के निधन के बाद वर्ष 2011 में हिसार लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव से पहले हुआ हरियाणा जनहित कांगेस व भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन दोनों दलों की गलतफहमियां, भाजपा का ओवर कान्फीडेंस तो कुलदीप बिश्रोई का सीएम पद का मोह गठबंधन टूटने का कारण बना। इन सब के अलावा गठबंधन टूटने का कारण चाहे कोई ओर भी रहा हो दोनों दलों को हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों में नुकसान जरूर झेलना पड़ेगा। विरोधी दल हजकां भाजपा गठबंधन के तलाक का फायदा जरूर उठाना चाहेंगे। यह कहें कि अब हरियाणा की राजनीति के समीकरण नए सिरे से बनेेंगे तो इसमें भी कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत से सरकार बनने के बाद प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों के अलावा आम जनता की भी नजर इस गठबंधन के भविष्य पर टिकी हुई थी। लबें समय से उहा पोह की स्थिती झेल रहे दोनों ही पार्टियों के नेताओं के सामने वीरवार को हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई की गठबंधन तोडऩे की घोषणा के बाद तस्वीर सपष्ट हो गई। अब इसे भाजपा का ओवर कॉन्फीडेंस कहे या कुलदीप बिश्रोई का सीएम पद का मोह। राजनीतिक विश्लेषक ये ही दो कारण मान रहे है। गठबंधन को लेकर लोकसभा चुनावों से पहले ही कयास लगने शुरू हो गए थे और लोगों का मानना था कि अगर कुलदीप बिश्रोई अपनी हिसार लोकसभा सीट नहीं जीत पाए तो भाजपा कुलदीप बिश्रोई को सीएम मानने से इनकार कर देगी और गठबंधन में दरार पड़ जाएगी। जैसे लोगों ने कयास लगाए हुआ भी ठीक वैसा ही।
कुलदीप के हारते ही बदल गए थे सूर
लोकसभा चुनाव के दौरान हिसार लोकसभा सीट से कुलदीप बिश्रोई चुनाव हार गए। साथ ही हजकां के हिस्से की दूसरी सिरसा लोकसभा सीट से भी हजकां प्रत्याशी चुनाव हार गए थे। चुनाव के नतीजे आते ही गठबंधन में दरार पडऩी शुरू हो गई।। एक लंबे समय की खींचतान के बाद वीरवार को हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई ने गठबंधन समाप्त करने की घोषणा कर दी। कुलदीप बिश्रोई ने अपने स्तर पर गठबंधन को बचाने के लिए भरपूर प्रयास किए यहां तक कि उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की लेकिन लंबे समय से गठबंधन को बचाने की कोशिश बेकार गई। प्रदेश में भाजपा के नेता लोकसभा चुनाव के बाद से ही हजकां से गठबंधन तोडऩे के पक्षधर रहे है लेकिन प्रदेश में भाजपा के जनाधार और पिछले चुनावों के नतीजों को देखकर पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व किसी भी प्रकार का कदम उठाने से पहले सौ बार सोच रहा था। वैसे तो भारतीय जनता पार्टी को हरियाणा विधानसभा चुनाव में अब तक के इतिहास में कोई विशेष सफलता नहीं मिल सकी है। लेकिन केंद्र में पूर्ण बहुमत मिलने से उत्साहित भाजपा अब पीए मोदी के नाम पर सत्ता में आने का ख्वाब देख रही है। गठबंधन टूटने के बाद अब मुकाबला और भी दिलचस्प होगा।

Sunday, April 6, 2014

एसएससी ने संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा स्थगित की


नई दिल्ली।
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने लोकसभा चुनावों का हवाला देते हुए इस साल की संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा 2014 स्थगित कर दी है। यह परीक्षा 27 अप्रैल और 4 मई को होनी थी। एसएससी ने कहा कि परीक्षा की नई तारीख के बारे में बाद में सूचना दी जाएगी।
इसने एक नोटिस में कहा कि अप्रैल और मई 2014 में सरकार द्वारा घोषित आम चुनावों के मद्देनजर सभी आवदेकों को एतद द्वारा सूचित किया जाता है कि संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा 2014 को स्थगित रखा जाता है। सोमवार से शुरू हो रहे लोकसभा चुनाव की मतगणना 16 मई को होगी।आयोग चुनावों के बाद संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा 2013 को 7 केंद्रों- लखनऊ, पटना, इलाहाबाद, दिल्ली, जयपुर, शिमला और देहरादून में दोबारा आयोजित करेगा। ऐसी खबरें थीं कि इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने कदाचार किया था।एसएससी ने संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा 2013 को 2 चरणों 21 अप्रैल और 19 मई 2013 को टियर-1 तथा 29 सितंबर 2013 को टियर-2 में आयोजित किया था।आयोग ने कहा कि इन 7 केंद्रों को छोड़कर अन्य केंद्रों पर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा नहीं देनी होगी। (भाषा)

विधायकों का राजनीतिक भविष्य तय करेगा हिसार लोकसभा चुनाव



Sunday, June 23, 2013

खराब मौसम के बाद फिर शुरू हुए बचाव कार्य

उत्तराखंडः खराब मौसम के बाद फिर शुरू हुए बचाव कार्य 
देहरादून, एजेंसी

बारिश से प्रभावित उत्तराखंड में रविवार को सुबह खराब मौसम के चलते राहत और बचाव अभियान कुछ समय तक स्थगित रहने के बाद फिर से युद्धस्तर स्तर पर शुरू हो गया है और ऊंचाइयों पर अभी भी फंसे 22 हजार तीर्थयात्रियों को निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।मौसम विभाग ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि कल से क्षेत्र में हल्की बारिश शुरू हो सकती है। बारिश से सर्वाधिक प्रभावित रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों से अब तक करीब 70 हजार तीर्थयात्रियों को निकाला जा चुका है जहां हिमालय क्षेत्र के पवित्र तीर्थस्थ्सल केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री स्थित हैं।
राहत कार्यों में 40 से ज्यादा हेलीकॉप्टर, सेना और अर्धसैनिक बलों के 10 हजार कर्मी जुटे हुए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि देहरादून और जोशीमठ में हल्की बारिश की वजह से आज सुबह राहत कार्यों में विलम्ब हुआ, लेकिन करीब एक घंटे बाद जैसे ही मौसम खुला, राहत और बचावकर्मी फिर से अपने काम में जुट गए।
उन्होंने कहा कि हल्की से मध्यम बारिश होने के मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर राहत प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि कई टूटी सड़कों की मरम्मत कर दिए जाने से लोगों को निकालने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। फंसे हुए बहुत से लोगों को अब सड़क मार्गों के जरिए भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के उप महानिरीक्षक अमित प्रसाद ने बताया कि फंसे तीर्थयात्रियों को निकालने के लिए बद्रीनाथ के नजदीक करीब 50 किलोमीटर के क्षेत्र में पगडंडी बनाई जा रही है।
प्रसाद ने कहा कि यह मौसम पर निर्भरता कम करने के लिए है, जो हवाई राहत अभियान को प्रभावित कर सकता है। ये सड़कें तीर्थस्थल के नजदीक माना क्षेत्र में बनाई जा रही हैं। आईटीबीपी के लगभग 200 जवान इस काम में लगे हैं। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग के जंगलचट्टी इलाके में करीब 500 तीर्थयात्री फंसे हो सकते हैं और उन्हें वहां से जल्द से जल्द निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
केदारनाथ के नजदीक गौरी गांव और रामबड़ा में दो हेलीपैड बनाए गए हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने यहां कहा कि केदारनाथ घाटी से सभी फंसे हुए तीर्थयात्रियों को निकाल दिया गया है, अब पूरा ध्यान बद्रीनाथ की तरफ केंद्रित हो गया है जहां करीब सात-आठ हजार तीर्थयात्री फंसे हैं। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें पर्याप्त खाद्य सामग्री और दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
इस अभूतपूर्व आपदा में मरने वालों की संख्या कल उस समय 673 हो गई, जब केदरानाथ क्षेत्र से 123 शव मिले। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा का कहना है कि मरने वालों की संख्या एक हजार तक हो सकती है। बहुगुणा ने यह भी कहा कि केदारनाथ मंदिर को फिर से पहले जैसा स्वरूप देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है और यह काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के परामर्श से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों से मिले शवों का परंपरागत रीति रिवाज से अंतिम संस्कार किया जाएगा और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए आपदा के 13वें दिन हरिद्वार में महायज्ञ किया जाएगा। यह सलाह संत समाज ने उस समय दी जब बहुगुणा और केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे कल हरिद्वार में उनसे मिले।
कल प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद बहुगुणा से मिले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कर इसे देश के अत्याधुनिक मंदिरों में से एक बनाने में राज्य सरकार को हरसंभव मदद देने की पेशकश की।

डेरा सच्चा सौदा ने उतराखंड में भेजी राहत सामग्री

डेरा सच्चा सौदा ने उतराखंड में भेजी राहत सामग्री 

उतराखंड में राहत कार्यों के लिए पहुंचे डेरा अनुयायी

उतराखंड में राहत कार्यों के लिए पहुंचे डेरा अनुयायी 

250 रुपए में मिल रहा एक परांठा , चिप्स का पैकेट 100 रुपए का

फंसे पर्यटक अनुचित दामों पर भोजन खरीदने को विवश
250 रुपए में मिल रहा एक परांठा , चिप्स का पैकेट 100 रुपए का 
देहरादून, एजेंसी

उत्तराखंड में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जहां कुछ लोग पूरी कोशिश कर रहे हैं और उनकी रक्षा के लिए दुआएं की जा रही हैं, ऐसे में प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे लोगों के प्रति मानव उदासीनता की शर्मनाक खबरें भी सामने आ रही हैं।बाढ़ के कारण यहां फंसे लोगों को एक परांठे के लिए 250 रुपए और चिप्स के एक छोटे से पैकेट के लिए 100 रुपए देने पड़ रहे हैं। बाढ़ पीड़ित 56 वर्षीय देहरादून निवासी मनोहर लाल मौर्य ने कहा कि मुझे एक छोटी कटोरी चावल के लिए 40 रुपए देने पड़े। यहां कहीं भी भोजन उपलब्ध नहीं है।
उत्तर प्रदेश के अमित गुप्ता के संबंधी गौमुख में फंसे हुए हैं। अमित ने अपने संबंधियों से बात करने के बाद बताया कि उनके संबंधियों को चिप्स के दो छोटे पैकेट और पानी की दो बोतलों के लिए 400 रुपए देने पड़े।बाढ़ में फंसे अधिकतर लोगों के पास अधिक धन और सामान नहीं है और उनके लिए भोजन और पानी खरीदना बहुत मुश्किल हो गया है। बाढ़ में फंसे एक सिख पर्यटक ने कहा कि कुछ स्थानीय लोग उनकी बेबसी का फायदा उठा रहे हैं।
पर्यटक ने कहा कि टैक्सी चालक पहले जहां जाने के लिए 1000 रुपए लेते थे, अब वहां जाने के लिए 3000 से 4000 रुपए देने पड़ रहे हैं। हमारा पूरा धन खर्च हो गया है। हम असहाय हैं। रेलवे स्टेशन पर इंतजार कर रहे एक अन्य पर्यटक ने कहा कि दुकानदार 250 रुपए में एक परांठा और 200 रुपए में पानी की बोतल बेच रहे हैं। यह बहुत शर्मनाक बात है। सैकड़ों लोगों को कई दिनों से खाने के लिए कुछ नहीं मिल पाने की खबरों के बीच अधिकारी प्रभावित इलाकों में खाद्य सामग्री भेजने के प्रयास कर रहे हैं।
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